Basic Healthcare Services

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Neema Karmiyal

नीमा कर्मियाल वर्तमान में आरोही द्वारा संचालित अमृत क्लिनिक, सूनी, नैनीताल में पब्लिक हेल्थ नर्स के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें नर्सिंग क्षेत्र में कुल तीन वर्षों का अनुभव है तथा वे अपने वर्तमान संस्था में पिछले पाँच महीनों से कार्य कर रही हैं। उनका मूल गाँव कर्मी, कपकोट, ज़िला बागेश्वर है।

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा विवेकानंद विद्या मंदिर, बागेश्वर से पूरी की तथा नर्सिंग की पढ़ाई पाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंस, हल्द्वानी, नैनीताल से की। उनकी शैक्षणिक योग्यता पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग है।

बचपन में उन्होंने अपनी बुआ को एएनएम के रूप में समुदाय में जाकर लोगों से संवाद करते हुए और दवाइयाँ वितरित करते हुए देखा। इन अनुभवों ने उन्हें नर्सिंग को अपने करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

Puja Joshi

पूजा जोशी वर्तमान में आरोही में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें कुल पाँच वर्ष पाँच माह का कार्य अनुभव है। उनका मूल गाँव शीतला मुक्तेश्वर, ज़िला नैनीताल, उत्तराखंड है। उन्होंने कक्षा 5 तक की प्रारंभिक शिक्षा शीतला मुक्तेश्वर के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की तथा कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षा गवर्नमेंट इंटर कॉलेज से पूरी की। इसके पश्चात उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा डीएसआईसी, पीओरा से प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हल्द्वानी स्थित पाल कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज़ से नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त की है और कला स्नातक (बी.ए.) की डिग्री भी हासिल की है।

पढ़ाई के दौरान, कक्षा 9 में रहते हुए, वे अपनी दादी की देखभाल करती थीं और उन्हें इंजेक्शन भी लगाती थीं। उस समय उन्हें नर्सिंग के क्षेत्र की अधिक जानकारी नहीं थी और वे प्रारंभ में शिक्षिका बनना चाहती थीं। बाद में अपने भाई के मार्गदर्शन से उन्होंने नर्सिंग को करियर के रूप में चुनने का निर्णय लिया, जिससे इस क्षेत्र में उनकी रुचि धीरे-धीरे बढ़ती गई।

Premila Patidar

प्रेमिला पाटीदार अमृत क्लिनिक, बेसिक हेल्थकेयर सर्विसेज़, मानपुर, राजस्थान में नर्स कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 1 वर्ष 6 माह से इस पद पर सेवाएँ दे रही हैं। उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल 11.5 वर्षों का अनुभव है तथा वे पिछले 10 वर्षों से बीएचएस के साथ जुड़ी हुई हैं। इससे पूर्व में वे पीएचसी निठाउवा में राज्य सरकार और बीएचएस द्वारा संयुक्त रूप से संचालित परियोजना [पीपीपी} के अंतर्गत कार्य कर रही हैं।

वे राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले की सागवाड़ा तहसील के कानपुर गाँव की निवासी हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सागवाड़ा से पूरी की और सरकारी नर्सिंग कॉलेज, डूंगरपुर (राजस्थान) से एएनएम की पढ़ाई की। एएनएम कोर्स में प्रवेश दिलाने में उनके पिता का सहयोग रहा।

अपने करियर के प्रारंभिक दौर में उन्होंने सागवाड़ा स्थित एक क्लिनिक में डेढ़ वर्ष तक कार्य किया।

Ganga Parmar

गंगा परमार वर्तमान में बेसिक हेल्थकेयर सर्विसेज़ (बीएचएस) में नर्स कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं। वे पिछले छह वर्षों से इस संस्था से जुड़ी हुई हैं और उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल आठ वर्षों का अनुभव है। वे राजस्थान के डूंगरपुर ज़िले की आसपुर तहसील के सागोट गाँव की निवासी हैं।

उन्होंने कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा अपने गाँव सागोट से प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने आर.सी. मेमोरियल नर्सिंग इंस्टीट्यूट कॉलेज, फालना, ज़िला पाली, राजस्थान से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। नर्सिंग के क्षेत्र में आने की प्रेरणा उन्हें अपने पिता से मिली, जिन्होंने हर चरण में उन्हें पूरा सहयोग और मार्गदर्शन दिया।

Ramila Damor

रमिला डामोर  वर्तमान में अमृत क्लिनिक, बेडावल (बेसिक हेल्थकेयर सर्विसेज़) में सीनियर नर्स के पद पर कार्यरत हैं। वे पिछले 4 वर्ष 7 माह से  इस संस्था में अपनी सेवाएँ दे रही हैं और उन्हें नर्सिंग क्षेत्र में कुल साढ़े 5 वर्षों का कार्य अनुभव है।

वे ग्राम पाटिया कोडर, पोस्ट बालर बोधायन, तहसील आनंदपुरी, ज़िला बाँसवाड़ा, राजस्थान की निवासी हैं। उन्होंने 12वीं कक्षा की शिक्षा बागीदौरा से प्राप्त की तथा इसके पश्चात महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग कॉलेज, जयपुर से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की।

अपने आसपास एक वृद्ध व्यक्ति को बार-बार बीमार पड़ते हुए और उचित चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करते देख, उनकी माता जी ने उन्हें नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उन्हें इस पेशे को अपनाने की प्रेरणा मिली।

Madhu Nagada

मधु नागदा वर्तमान में राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में गोगुंदा ब्लॉक, जिला उदयपुर, राजस्थान में एएनएम के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें चिकित्सा विभाग में 23 वर्षों का कार्य अनुभव है। वह रावलिया खुर्द गाँव, गोगुंदा ब्लॉक, जिला उदयपुर (राजस्थान) की निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अहमदाबाद (गुजरात) के बागे फिरदौस म्यूनिसिपल स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने गुडली (उदयपुर) स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय से कक्षा 6 से 10 तक की पढ़ाई पूरी की। कक्षा 11 उन्होंने उदयपुर के राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय से तथा कक्षा 12 और बी.ए. प्रथम वर्ष प्राइवेट अध्ययन के माध्यम से राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर एवं मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर से पूर्ण किया। इसके पश्चात उन्होंने सलूम्बर स्थित एनएमटीसी नर्सिंग कॉलेज से एएनएम नर्सिंग पाठ्यक्रम किया।

वह डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण उन्होंने नर्सिंग को अपना करियर चुना। इस पूरे सफर में उन्हें अपने पति का भरपूर सहयोग मिला और उनके शिक्षकों ने भी विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी देकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक ऐसे गाँव में पली-बढ़ीं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ अपर्याप्त थीं और परिवहन के उचित साधन उपलब्ध नहीं थे। अक्सर मरीजों को इलाज के लिए उठाकर ले जाना पड़ता था, क्योंकि निकटतम स्वास्थ्य केंद्र लगभग पाँच किलोमीटर दूर स्थित था। इन कठिन परिस्थितियों ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में आने और अपने गाँव व आसपास के क्षेत्रों में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।

Neha Shrimali

नेहा श्रीमाली वर्तमान में राजस्थान सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत गोगुंदा ब्लॉक, ज़िला उदयपुर, राजस्थान में एएनएम के रूप में कार्यरत हैं। वे रावलिया कला, गोगुंदा, ज़िला उदयपुर, राजस्थान की निवासी हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा उच्च माध्यमिक विद्यालय, जसवंतगढ़ से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने एनएमटीसी कॉलेज, राजसमंद से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके साथ-साथ उन्होंने बीए और एमए की पढ़ाई भी पूरी की है।

उच्च माध्यमिक स्तर पर वे बायोलॉजी पढ़ना चाहती थीं और उसी क्षेत्र में आगे पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन आसपास कोई ऐसा विद्यालय उपलब्ध नहीं था जहाँ जीव विज्ञान की पढ़ाई हो सके। परिणामस्वरूप उन्हें कला संकाय चुनना पड़ा। बाद में उनके गाँव में आने वाली एएनएम नर्स दीपा ने उन्हें एएनएम कोर्स के बारे में जानकारी दी और बताया कि वे यह कोर्स कर सकती हैं। इसी प्रेरणा से उन्होंने एएनएम करने का निर्णय लिया।

Nimisha Patel

निमिषा पटेल वर्तमान में ग्राम सेवा ट्रस्ट में एनआईसी एवं एसएनसीयू  इंचार्ज के रूप में तथा डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें नर्सिंग क्षेत्र में कुल 15 वर्षों का अनुभव है, जिसमें से 13 वर्ष उन्होंने ग्राम सेवा ट्रस्ट में कार्य करते हुए प्राप्त किए हैं। उनका गाँव जोगवाड, चिखली तालुका, जिला नवसारी, गुजरात में स्थित है।

उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की शिक्षा अपने गाँव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की तथा कक्षा 8 से 12 तक की पढ़ाई श्री बी. एच. पटेल पब्लिक हाई स्कूल, टंकल से पूरी की। कक्षा 12 पूरी करने के बाद उन्होंने बड़ौली स्थित एक निजी नर्सिंग संस्थान से एक वर्ष का पैरामेडिकल नर्सिंग कोर्स किया।

उन्होंने अपने पिता के मार्गदर्शन में नर्सिंग को करियर के रूप में चुना।

Pushpa Patel

पुष्पा पटेल वर्तमान में ग्राम सेवा ट्रस्ट में सिस्टर इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें कुल 31 वर्षों का कार्य अनुभव प्राप्त है, जिसमें से 25 वर्षों का अनुभव उन्होंने वर्तमान संस्था में अर्जित किया है।

उनका गाँव एंधाल, तालुका गंडेवी, जिला नवसारी, गुजरात में स्थित है। उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। कक्षा 8 से 10 तक की शिक्षा आस्पी कन्या विद्यालय, अंतालिया से पूर्ण की तथा कक्षा 11 और 12 की उच्च माध्यमिक शिक्षा वणियमिल हाई स्कूल, अंतालिया से प्राप्त की।

इसके पश्चात उन्होंने वी. एस. पटेल कॉलेज, बिलीमोरा से तीन वर्षों की कला स्नातक (बी.ए.) की शिक्षा पूरी की। पारिवारिक आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बिलीमोरा के एक निजी संस्थान से दो वर्षों का पैरा-मेडिकल नर्सिंग कोर्स किया।

Rina Patel

रीना पटेल ग्राम सेवा ट्रस्ट अस्पताल, खारेल, गुजरात में ऑपरेशन थिएटर इंचार्ज नर्स के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 19 वर्षों से इस संस्था से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपना बचपन गुजरात के वलसाड ज़िले में बिताया, जहाँ उन्होंने अपनी नर्सिंग की शिक्षा भी पूरी की। स्कूल में टीकाकरण के लिए आने वाली एक नर्स को देखकर उन्हें नर्सिंग करने की प्रेरणा मिली।उनके पिता, जो दिहाड़ी मजदूर थे, उन्होंने भी रीना को नर्सिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

Geetanjali Sahu

गीतांजलि साहू जन स्वास्थ्य सहयोग, गनियारी, छत्तीसगढ़ में स्टाफ नर्स (ओटी नर्स) के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें नर्सिंग एवं सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में 17 वर्षों का कार्य अनुभव है | वह वर्ष 2009 से जन स्वास्थ्य सहयोग से जुड़ी हुई हैं। वह ओडिशा के केंद्रापड़ा ज़िले से हैं, जहाँ उन्होंने अपना बचपन बिताया। उन्होंने एएनएम पाठ्यक्रम में उस समय प्रवेश लिया जब उनके गाँव के पास एक नया नर्सिंग कॉलेज शुरू हुआ था, और एक सहेली के प्रोत्साहन से उन्होंने यह पाठ्यक्रम चुना।

उन्होंने वर्ष 2008 में एएनएम का प्रशिक्षण पूरा किया। जन स्वास्थ्य सहयोग में उन्हें टीम का अच्छा सहयोग मिला, जिससे उन्हें काम के माहौल में ढलने और भाषा व सांस्कृतिक कठिनाइयों को समझने व पार करने में मदद मिली। इससे वे संगठन में लंबे समय तक बेहतर योगदान दे सकीं।

Savitri Suryavanshi

सावित्री सूर्यवंशी वर्तमान में जन स्वास्थ्य सहयोग (जेएसएस) संस्था में ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ (एएनएम) के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें नर्सिंग क्षेत्र में लगभग दस वर्षों का अनुभव है। वह गाँव पुराना सरकंडा, शिवाघाट, जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ की निवासी हैं।

उन्होंने कक्षा 12 वीं  तक की शिक्षा राजकीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने बी.ए. एवं एम.ए. की पढ़ाई प्राइवेट से पूर्ण की। वर्ष 2013 में उन्होंने जन स्वास्थ्य सहयोग संस्था से ऑक्सिलियरी नर्स मिडवाइफ (एएनएम) का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

अपने पिता की प्रेरणा से उन्होंने आरंभ में एक वर्ष का महिला आयुर्वेदिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता का प्रशिक्षण किया। इस दौरान नर्सिंग होम में कार्य करते हुए नर्सिंग के क्षेत्र में उनकी रुचि विकसित हुई, जिसने उन्हें नर्सिंग को अपने करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

Vandana Tripathi

वंदना त्रिपाठी वर्तमान में जेएसएस अस्पताल में नर्सिंग ट्यूटर के पद पर कार्यरत हैं। उनका गांव नौरोजाबाद, उमरिया ज़िला, मध्य प्रदेश है। उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा कन्या शाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नौरोजाबाद से पूरी की।

इसके बाद उन्होंने बी.एससी. नर्सिंग अनुश्री कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जबलपुर, मध्य प्रदेश से तथा एम.एससी. नर्सिंग आर.डी. मेमोरियल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भोपाल, मध्य प्रदेश से पूर्ण की।

नर्सिंग को करियर के रूप में चुनना उनका स्वयं का निर्णय था। उस समय, एक जानकार भैया ने उन्हें और उनकी एक मित्र को नर्सिंग को एक अच्छा क्षेत्र बताते हुए इसे अपनाने की सलाह दी।

इसके बाद उन्होंने अपने पिता से चर्चा की और अपनी इच्छा व्यक्त की कि उन्हें नर्सिंग करना है।

Sharada Bhaskar

शारदा राहुल भासरकर वर्तमान में लोक बिरादरी प्रकल्प अस्पताल, हेमलकसा में लेबर रूम में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं तथा उन्हें कुल 15 वर्षों का सेवा अनुभव है। उन्होंने कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा हेमलकसा से पूरी की है। उन्होंने डॉ. साल्वे नर्सिंग कॉलेज, चाटगांव, ज़िला गढ़चिरौली से नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त की है। उनका मूल गाँव हलवर, भामरागढ़ तालुका, ज़िला गढ़चिरौली है।

बचपन से ही उन्होंने लोक बिरादरी प्रकल्प में देखा कि नर्सें किस प्रकार समर्पण भाव से लोगों की सेवा करती थीं। मरीज बीमारी के साथ अस्पताल आते थे, उनका इलाज किया जाता था और वे स्वस्थ होकर घर लौट जाते थे। यह सब देखकर उनके मन में भी ऐसा ही कार्य करने की इच्छा जागी और उन्हें लगा कि यह एक बहुत अच्छा और सार्थक कार्य है। इन्हीं अनुभवों से उन्हें यह अहसास हुआ कि वे भी नर्स बनना चाहती हैं।

Dipmala Latkar

दीपमाला धनराज भगत वर्तमान में लोक बिरादरी प्रकल्प अस्पताल, हेमलकसा में लेबर रूम में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं तथा उन्हें कुल 7 वर्षों का सेवा अनुभव है। उनका गाँव निमगांव, ज़िला चंद्रपुर, महाराष्ट्र है। उन्होंने कक्षा 10 तक की शिक्षा अपने गृह नगर से प्राप्त की तथा कक्षा 11 और 12 की उच्च माध्यमिक शिक्षा घुग्घुस, ज़िला चंद्रपुर, महाराष्ट्र से पूरी की। उन्होंने डॉ. साल्वे नर्सिंग कॉलेज, चाटगांव, ज़िला गढ़चिरौली, महाराष्ट्र से नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त की है।

उन्होंने बी.ए. की शिक्षा पूर्ण की है। पति के निधन के बाद उन्होंने नर्सिंग कोर्स किया। यह निर्णय रोजगार की आवश्यकता तथा समाज के लिए कार्य करने की इच्छा के कारण लिया गया। उन्हें नर्सिंग कोर्स के बारे में जानकारी उनकी भतीजी से प्राप्त हुई।

Rajashree Navlakhe

राजश्री नवलखे वर्तमान में महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले में स्थित डॉ. सुशीला नायर अस्पताल, उतावली (एमजीआईएमएस) में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें 5 वर्षों का कार्य अनुभव प्राप्त है। उनका मूल निवास अमरावती ज़िले के धारणी गाँव में है। उन्होंने कक्षा 1 से 10 तक की शिक्षा ध्यानमंदिर स्कूल से पूरी की तथा उच्च माध्यमिक शिक्षा धारणी से प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने सेवाग्राम, वर्धा स्थित कस्तूरबा स्कूल से जीएनएम नर्सिंग का प्रशिक्षण पूरा किया।

वह चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती थीं और डॉक्टर बनने का सपना देखती थीं, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण वह इस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकीं और उन्होंने नर्सिंग को अपना पेशा चुना। उनकी बहन के डॉक्टर बनने की यात्रा ने स्वास्थ्य सेवा के प्रति उनकी रुचि और प्रेरणा को और अधिक सशक्त किया।

Sarika Rajurkar

सारिका राजुरकर वर्तमान में महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एमजीआईएमएस) के अंतर्गत कस्तुरबा ग्रामीण आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र, आंजि (मोठी) में एएनएम के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें कुल 13 वर्षों का कार्य अनुभव है, जिसमें से 7 वर्षों का अनुभव उनकी वर्तमान संस्था में है। उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की शिक्षा ज़िला परिषद प्राथमिक विद्यालय, चुनाला से तथा कक्षा 8 से 10 तक की शिक्षा शिवाजी हाई स्कूल, चुनाला से पूरी की। इसके बाद उन्होंने उच्च माध्यमिक (कक्षा 12) की शिक्षा विदर्भ महाविद्यालय, जीवती से प्राप्त की।

उन्होंने वर्ष 2010 से 2012 के दौरान पुणे स्थित बकुल तांबट महर्षि कर्वे श्री शिक्षण संस्था से एएनएम नर्सिंग कोर्स किया। आगे चलकर उन्होंने वर्ष 2022 से 2025 के दौरान सरस्वती नर्सिंग स्कूल, गुंजखेड़ा, पुलगांव से जीएनएम कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किया। उन्हें बचपन से ही नर्सिंग के क्षेत्र में रुचि थी और इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने पिता का पूरा सहयोग मिला।

Deepa Bhanu

दीपा भानु वर्तमान में सांगवारी में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें कुल 8 वर्षों का कार्य अनुभव प्राप्त है, जिसमें से लगभग 3 वर्षों का अनुभव वर्तमान संस्था में है। उनका मूल गाँव बरगावां, तहसील कोटा, ज़िला बिलासपुर, छत्तीसगढ़ है। उन्होंने कक्षा 8 तक की शिक्षा मझगवां से तथा कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा बिलासपुर से पूरी की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एएनएम नर्सिंग की पढ़ाई जन स्वास्थ्य सहयोग, गनियारी, बिलासपुर से तथा बी.एससी. नर्सिंग की पढ़ाई रस्तोगी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भिलाई, छत्तीसगढ़ से की है।

बचपन में, जब वे पाँचवीं कक्षा में पढ़ती थीं, उनके विद्यालय में एक नर्स नियमित रूप से आया करती थीं। उन्हें देखकर उनके मन में चिकित्सा क्षेत्र में कार्य करने की इच्छा जागी। इसके साथ ही, उनके मामा एक एमपीडब्ल्यू थे, जिनकी डायरी में इंजेक्शनों के नाम और उनके उपयोग के बारे में लिखा होता था। उस डायरी को देखकर उन्हें चिकित्सा सेवा के प्रति गहरी प्रेरणा मिली। उसी समय से उन्होंने यह निर्णय लिया कि वे मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई करेंगी।

इसके अलावा, उनके गाँव की एक लड़की जो उच्च शिक्षा के लिए गाँव से बाहर जाने वाली पहली लड़की थी, उसे देखकर भी उन्हें आगे पढ़ने और बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिली। इन सभी अनुभवों ने मिलकर उनके मेडिकल करियर की दिशा तय की।

Nandini Kanwar

नंदिनी कंवर संगवारी स्वास्थ्य केंद्र, सरगुजा में नर्स इंचार्ज हैं। उन्हें नर्सिंग क्षेत्र में कुल 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें से 3 वर्ष उन्होंने वर्तमान संस्था में कार्य किया है। वे आमाडांड गाँव, ब्लॉक पेंड्रा, जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, छत्तीसगढ़ की निवासी हैं।

उन्होंने अपने गाँव के सरकारी विद्यालय से कक्षा 12 तक की शिक्षा प्राप्त की और जन स्वास्थ्य सहयोग अस्पताल, गनियारी, बिलासपुर से एएनएम की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष की इंटर्नशिप की तथा इसके पश्चात पाँच वर्षों तक जन स्वास्थ्य सहयोग अस्पताल में कार्य किया।

उन्हें बचपन से ही स्वास्थ्य क्षेत्र में रुचि रही है। उनके चाचा, जो एक क्लिनिक में बाल रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं, ने नर्सिंग के बारे में जानकारी और मार्गदर्शन दिया। लोगों की सेवा करने और समुदाय की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार लाने की प्रतिबद्धता ने उन्हें नर्सिंग के क्षेत्र में एक समर्पित करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।

Rameshwari Raj

रामेश्वरी राज वर्तमान में संगवारी में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें यहाँ 3 वर्ष 6 माह का कार्य अनुभव प्राप्त है। उनका मूल गाँव लिम्हा, तहसील बेलतरा, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) है।

उन्होंने कक्षा 10 तक की शिक्षा अपने गाँव के शासकीय विद्यालय से प्राप्त की तथा कक्षा 11वीं और 12वीं की पढ़ाई शासकीय नगर निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने जन स्वास्थ्य सहयोग स्कूल ऑफ नर्सिंग, गनियारी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से नर्सिंग शिक्षा प्राप्त की।

अपनी बड़ी बहन के नर्स के रूप में किए जा रहे कार्य को देखकर उन्हें इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा मिली।

Jalpa Purohit

जलपा पुरोहित वर्तमान में सेवा रूरल हॉस्पिटल, झगड़िया में वॉर्ड इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं और नर्सिंग क्षेत्र में उन्हें कुल 15 वर्षों का कार्य अनुभव है। वे झगड़िया, गुजरात की निवासी हैं। उन्होंने बी.आर.एल. हाई स्कूल, नार से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की तथा 12वीं के बाद जनरल नर्सिंग असिस्टेंट की योग्यता प्राप्त की। उन्होंने सेवा रूरल हॉस्पिटल, झगड़िया से नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

नर्सिंग के प्रति उनकी रुचि अपने भाई के साथ अस्पताल जाने के अनुभव से विकसित हुई। वहाँ उन्होंने नर्सों को मरीजों की देखभाल करते हुए अपने कार्य को कुशलता से निभाते, अंग्रेज़ी समझते तथा डॉक्टरों के निर्देशों का सही ढंग से पालन करते हुए देखा। इस अनुभव से उन्हें यह समझ आया कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि लोगों की सेवा और सहयोग का एक प्रभावी माध्यम भी है।

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Jyotsna Lall

Jyotsna Lall is a seasoned development professional and currently serves as Director of Programmes at the Aga Khan Foundation, New Delhi. A graduate of the Institute of Rural Management, Anand, she has a deep interest in education and is the co-founder of Gramin Shiksha Kendra, a nonprofit organization delivering quality education in Rajasthan’s Sawai Madhopur district.

Jyotsana Purohit

ज्योत्सना पुरोहित वर्तमान में सेवा रूरल हॉस्पिटल, झगड़िया, भरूच में नर्सिंग इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें नर्सिंग असिस्टेंट के रूप में 15 वर्षों का कार्य अनुभव है। वे रायसिंगपुरा, जिला भरूच, गुजरात की निवासी हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की शिक्षा संजली गाँव के विद्यालय से तथा कक्षा 8 से 12 तक की शिक्षा राजपारडी, जिला भरूच से पूरी की है और वे 12वीं पास हैं। उन्होंने सेवा रूरल हॉस्पिटल, झगड़िया से नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

टीवी पर डॉक्टरों और नर्सों को मरीजों की सेवा करते हुए और उन्हें स्वस्थ होता देखकर उन्हें नर्सिंग के क्षेत्र में जाने की प्रेरणा मिली। साथ ही, वे अपने माता-पिता को आर्थिक रूप से सहयोग देना चाहती थीं। इस पूरे सफर में उनके जीजाजी ने उन्हें पूरा समर्थन दिया और सेवा रूरल में नर्सिंग कोर्स के लिए आवेदन करने में उनकी मदद की।

Ujamben Vasava

उजमबेन वसावा वर्तमान में सेवा रूरल हॉस्पिटल, झगड़िया में असिस्टेंट मैट्रन के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें इस संस्था में 33 वर्षों का कार्य अनुभव है। वे रानीपुरा, झगड़िया, जिला भरूच, गुजरात की निवासी हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की प्राथमिक शिक्षा रानीपुरा प्राथमिक विद्यालय से तथा कक्षा 8 से 12 तक की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा झगड़िया माध्यमिक विद्यालय से पूरी की। उन्होंने अपनी नर्सिंग शिक्षा सेवा रूरल, झगड़िया से प्राप्त की है।

जब उजमबेन 12वीं कक्षा में अध्ययनरत थीं, तब एक कार्यकर्ता उनके गाँव आया करता था उसी दौरान उस कार्यकर्ता ने उन्हें सेवा रूरल में नर्सिंग के लिए चल रहे इंटरव्यू के बारे में बताया और आवेदन करने की सलाह दी।

 

Kamlesh Sarthi
Sangeeta Sahu

संगीता साहू वर्तमान में शहीद अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं और नर्सिंग क्षेत्र में उन्हें 20 वर्षों का अनुभव है, जो उन्होंने पूरी तरह इसी संस्था में कार्य करते हुए प्राप्त किया है। वे दल्ली राजहरा, तहसील डौंडी, जिला बालोद, छत्तीसगढ़ की निवासी हैं।

उन्होंने कक्षा 1 से 5 तक की प्राथमिक शिक्षा बीएसपी स्कूल नंबर 6, दल्ली राजहरा से प्राप्त की। कक्षा 6 से 12 तक की माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा उन्होंने बीएसपी हायर सेकेंडरी स्कूल नंबर 2, दल्ली राजहरा से पूरी की। इसके बाद उन्होंने शहीद अस्पताल से सात माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया और तत्पश्चात भारत ऑफ नर्सिंग कॉलेज, दानी टोला, बालोद से जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जी.एन.एम.) का कोर्स पूरा किया। उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) और मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) की डिग्रियाँ भी पूर्ण की हैं।

उन्होंने नर्सिंग को करियर के रूप में अपनी माँ की सलाह पर चुना, जिन्हें बाहर कार्य करते समय लोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के संपर्क में आने से इस पेशे की जानकारी मिली।

Roshni Jagtap

जगताप रोशनी कुमारी सुदामभाई वर्तमान में पूर्णा क्लिनिक, मोरजीरा में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें अपनी वर्तमान संस्था में 3 वर्ष 7 माह का कार्य अनुभव प्राप्त है।

उनका मूल गाँव चिंचधारा, आहवा तालुका, डांग ज़िला, गुजरात में स्थित है। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव से पूरी की। माध्यमिक शिक्षा के दौरान उन्होंने कक्षा 2 और 3 आहवा एकलव्य विद्यालय से तथा कक्षा 4 से 10 तक की पढ़ाई बरूमल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा (विज्ञान शाखा) की शिक्षा आहवा एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल से प्राप्त की। वे अपने गाँव से विज्ञान विषय में शिक्षा प्राप्त करने वाली पहली व्यक्ति थीं।

उन्होंने वर्ष 2020 में अनन्या स्कूल ऑफ नर्सिंग एंड कॉलेज, कालोल (गांधीनगर) से जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफरी (जी.एन.एम.) का कोर्स पूरा किया। इसके पश्चात वर्ष 2022 में उन्होंने कार्म इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड साइंस, अहमदाबाद से पोस्ट बेसिक बी.एससी. नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की।

प्रारंभ में उन्हें फार्माकोलॉजी में प्रवेश मिला था, लेकिन उनके पिता के अनुसार उनके क्षेत्र में फार्मेसी चलाना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने वह विषय नहीं चुना। बाद में मुंबई में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत उनकी भुआ के सुझाव पर उन्होंने नर्सिंग को अपने करियर के रूप में चुना। उनकी माता आंगनवाड़ी सुपरवाइज़र थीं और उनके साथ कार्यस्थल पर जाने से रोशनी कुमारी को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों को निकट से देखने का अवसर मिला, जिससे उनकी रुचि इस क्षेत्र में और अधिक प्रबल हुई।

Sunita Vasava

सुनीता वसावा वर्तमान में सेवा रूरल में इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें कुल 12 वर्षों का कार्य अनुभव है। वे सुल्तानपुरा, झगड़िया, जिला भरूच, गुजरात की निवासी हैं। उन्होंने कक्षा 1 से 7 तक की शिक्षा वंखुटा गाँव के विद्यालय से, कक्षा 8 से 10 तक की शिक्षा राजपीपला, जिला नर्मदा से तथा कक्षा 11 और 12 की शिक्षा थावा हाई स्कूल, नेत्रंग, जिला भरूच से पूरी की है। उन्होंने सेवा रूरल, झगड़िया, भरूच से नर्सिंग शिक्षा प्राप्त की है।

टेलीविज़न देखते समय तथा अपने मित्रों को नर्सिंग के क्षेत्र में कार्य करते हुए देखकर उन्हें नर्सिंग करने की प्रेरणा मिली। इससे उन्हें यह विश्वास हुआ कि वे भी नर्सिंग कर सकती हैं और इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं।